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बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ को दालें खिलाना है बहà¥à¤¤ जरूरी, जानें इसके फायदे
बढते हà¥à¤ बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ को विकास के लिठहमेशा पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• चीजें खाने की सलाह दी जाती है और दालें बहà¥à¤¤ सà¥â€à¤µà¤¾à¤¸à¥â€à¤¥à¥â€à¤¯à¤µà¤°à¥à¤¦à¥à¤§à¤• मानी जाती हैं। जानिठबचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ को किस तरह और कब दाल खिलानी चाहिà¤à¥¤
दालें बहà¥à¤¤ पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• होती हैं हें और इनमें पà¥à¤°à¤šà¥à¤° मातà¥à¤°à¤¾ में पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ पाया जाता है। दालों में डायटà¥à¤°à¥€ फाइबर à¤à¥€ अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में होता है। बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ के विकास के लिठà¤à¥€ दालें बहà¥à¤¤ लाà¤à¤•ारी होती हैं। दालें दालों में आयरन, फासà¥â€à¤«à¥‹à¤°à¤¸, फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ और पोटैशियम जैसे खनिज पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ से à¤à¥€ यà¥à¤•à¥â€à¤¤ होती हैं।
जानिठबचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ को कब और किस उमà¥à¤° में दाल खिलानी शà¥à¤°à¥‚ करनी चाहिठऔर बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ को दाल खिलाने के कà¥â€à¤¯à¤¾ फायदे हैं।
बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ को दाल कब खिलाà¤à¤‚
9 से 11 महीने के शिशॠको दाल खिलाना शà¥à¤°à¥‚ कर सकते हैं। कà¥à¤› पैरेंटस छह महीने के बाद ही शिशॠको दाल खिलाना शà¥à¤°à¥‚ कर देते हैं जो कि कà¥à¤› मामलों में गलत हाे सकता है। इस उमà¥à¤° के शिशॠदाल में मौजूद अधिक फाइबर और पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ को पचा नहीं पाते हैं। इसलिठबेहतर होगा कि शिशॠको 9 महीने का होने के बाद ही दाल खिलाà¤à¤‚।
बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ को किस उमà¥à¤° में लगवाना सही रहता है टायफाइड का टीका
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दो साल से अधिक उमà¥à¤°, लेकिन छह महीने से कम उमà¥à¤° के बचà¥â€à¤šà¥‡ को टाइफिम वी शॉट देना चाहिà¤à¥¤ अगर आप टायफाइड संà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ इलाके में जा रहे हैं तो जाने से कम से कम दो हफà¥à¤¤à¥‡ पहले बचà¥â€à¤šà¥‡ को ये टीका लगवाà¤à¤‚।
छह साल और इससे अधिक उमà¥à¤° के बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ को टीवाई21ठकैपà¥â€à¤¸à¥‚ल टायफाइड संà¤â€à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ में जाने से लगà¤à¤— à¤à¤• हफà¥à¤¤à¥‡ पहले दिया जा सकता है।
अगर आप à¤à¤¸à¥‡ देश में रहते हैं जहां रूटीन वैकà¥â€à¤¸à¥€à¤¨à¥‡à¤¶à¤¨ में टायफाइड का टीका शामिल नहीं है तो आप टायफाइड संà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ में जाने से कम से कम à¤à¤• हफà¥à¤¤à¥‡ पहले इस तरह टीका लगवा लेना चाहिà¤à¥¤
दो से छह साल के बचà¥â€à¤šà¥‡ को टाइफिम वीआई का सिंगल डोज और दो साल के बाद बूसà¥â€à¤Ÿà¤° डोज देना चाहिà¤à¥¤ छह साल की उमà¥à¤° के बचà¥â€à¤šà¥‡ को टीवाई21ठका टीका हर 48 घंटे में चार बार देना चाहिठऔर दो साल बाद बूसà¥â€à¤Ÿà¤° डोज लगवाना चाहिà¤à¥¤
अगर आप à¤à¤¸à¥‡ देश में रहते हैं जहां टायफाइड का बà¥à¤–ार सामानà¥â€à¤¯ है तो इस पà¥à¤°à¤•ार टीका लगवाना चाहिà¤à¥¤ 9 से 12 महीने के बचà¥â€à¤šà¥‡ को टायफाइड कोंजà¥à¤—ेट वैकà¥â€à¤¸à¥€à¤¨ का सिंगल डोज à¤à¤µà¤‚ 18 महीने से दो साल के बचà¥â€à¤šà¥‡ को सिंगल टायफाइड कोंजà¥à¤—ेट वैकà¥â€à¤¸à¥€à¤¨ बूसà¥â€à¤Ÿà¤° का सिंगल डोज लेना चाहिà¤à¥¤
इसके दो साल बाद बूसà¥â€à¤Ÿà¤° डोज लें। चार से छह साल के बचà¥â€à¤šà¥‡ को टायफाइड कोंजà¥à¤—ेट वैकà¥â€à¤¸à¥€à¤¨ बूसà¥â€à¤Ÿà¤° का सिंगल डोज देना चाहिà¤à¥¤
टायफाइड टीकाकरण से संकà¥à¤°à¤®à¤£ से बचाव की पूरी गारंटी नहीं मिलती है इसलिठइस इंफेकà¥â€à¤¶à¤¨ से बचने के लिठसाफ पानी पिà¤à¤‚ और फल à¤à¤µà¤‚ सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को धोठबिना न खाà¤à¤‚। अपनी साफ सफाई की चीजें दूसरों के साथ शेयर न करें। टायफाइड से संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ वà¥â€à¤¯à¤•à¥â€à¤¤à¤¿ के संपरà¥à¤• में आने से बचें।
टायफाइड टीकाकरण से बचà¥â€à¤šà¤¾ इस इंफेकà¥â€à¤¶à¤¨ की चपेट में आने से बच सकता है। इलाज से बेहतर बचाव होता है इसलिठअपने बचà¥â€à¤šà¥‡ को समय पर टीका लगवाà¤à¤‚ और उसे इस बीमारी से सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ रखें।
विकास में मदद
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान महिलाओं को दालें खाने की सलाह दी जाती है कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि दालों में फोलेट होता है जो कि à¤à¥à¤°à¥‚ण की नसों के विकास में मदद करता है। डिलीवरी के बाद à¤à¥€ शिशॠके विकास के लिठफोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ बहà¥à¤¤ जरूरी होता है। फोलेट नई कोशिकाओं के निरà¥à¤®à¤¾à¤£ और विà¤à¤¿à¤¨à¥â€à¤¨ हिसà¥â€à¤¸à¥‹à¤‚ के आंतरिक विकास में मदद करता है।
इमà¥â€à¤¯à¥‚न सिसà¥â€à¤Ÿà¤® मजबूत होता है
अगर शिशॠका इमà¥â€à¤¯à¥‚न सिसà¥â€à¤Ÿà¤® मजबूत हो तो उसे इंफेकà¥â€à¤¶à¤¨ से बचाव रहता है और सà¥â€à¤µà¤¸à¥â€à¤¥ विकास होता है। शिशॠके इमà¥â€à¤¯à¥‚न सिसà¥â€à¤Ÿà¤® को मजबूत करने के लिठआप बचà¥â€à¤šà¥‡ की डायट में दाल शामिल कर सकते हैं। दालों में जिंक à¤à¥€ होता है जो इमà¥â€à¤¯à¥‚निटी में सà¥à¤§à¤¾à¤° लाता है।
बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ को किस उमà¥à¤° में लगवाना सही रहता है टायफाइड का टीका
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दो साल से अधिक उमà¥à¤°, लेकिन छह महीने से कम उमà¥à¤° के बचà¥â€à¤šà¥‡ को टाइफिम वी शॉट देना चाहिà¤à¥¤ अगर आप टायफाइड संà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ इलाके में जा रहे हैं तो जाने से कम से कम दो हफà¥à¤¤à¥‡ पहले बचà¥â€à¤šà¥‡ को ये टीका लगवाà¤à¤‚।
छह साल और इससे अधिक उमà¥à¤° के बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ को टीवाई21ठकैपà¥â€à¤¸à¥‚ल टायफाइड संà¤â€à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ में जाने से लगà¤à¤— à¤à¤• हफà¥à¤¤à¥‡ पहले दिया जा सकता है।
अगर आप à¤à¤¸à¥‡ देश में रहते हैं जहां रूटीन वैकà¥â€à¤¸à¥€à¤¨à¥‡à¤¶à¤¨ में टायफाइड का टीका शामिल नहीं है तो आप टायफाइड संà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ में जाने से कम से कम à¤à¤• हफà¥à¤¤à¥‡ पहले इस तरह टीका लगवा लेना चाहिà¤à¥¤
दो से छह साल के बचà¥â€à¤šà¥‡ को टाइफिम वीआई का सिंगल डोज और दो साल के बाद बूसà¥â€à¤Ÿà¤° डोज देना चाहिà¤à¥¤ छह साल की उमà¥à¤° के बचà¥â€à¤šà¥‡ को टीवाई21ठका टीका हर 48 घंटे में चार बार देना चाहिठऔर दो साल बाद बूसà¥â€à¤Ÿà¤° डोज लगवाना चाहिà¤à¥¤
अगर आप à¤à¤¸à¥‡ देश में रहते हैं जहां टायफाइड का बà¥à¤–ार सामानà¥â€à¤¯ है तो इस पà¥à¤°à¤•ार टीका लगवाना चाहिà¤à¥¤ 9 से 12 महीने के बचà¥â€à¤šà¥‡ को टायफाइड कोंजà¥à¤—ेट वैकà¥â€à¤¸à¥€à¤¨ का सिंगल डोज à¤à¤µà¤‚ 18 महीने से दो साल के बचà¥â€à¤šà¥‡ को सिंगल टायफाइड कोंजà¥à¤—ेट वैकà¥â€à¤¸à¥€à¤¨ बूसà¥â€à¤Ÿà¤° का सिंगल डोज लेना चाहिà¤à¥¤
इसके दो साल बाद बूसà¥â€à¤Ÿà¤° डोज लें। चार से छह साल के बचà¥â€à¤šà¥‡ को टायफाइड कोंजà¥à¤—ेट वैकà¥â€à¤¸à¥€à¤¨ बूसà¥â€à¤Ÿà¤° का सिंगल डोज देना चाहिà¤à¥¤
टायफाइड टीकाकरण से संकà¥à¤°à¤®à¤£ से बचाव की पूरी गारंटी नहीं मिलती है इसलिठइस इंफेकà¥â€à¤¶à¤¨ से बचने के लिठसाफ पानी पिà¤à¤‚ और फल à¤à¤µà¤‚ सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को धोठबिना न खाà¤à¤‚। अपनी साफ सफाई की चीजें दूसरों के साथ शेयर न करें। टायफाइड से संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ वà¥â€à¤¯à¤•à¥â€à¤¤à¤¿ के संपरà¥à¤• में आने से बचें।
टायफाइड टीकाकरण से बचà¥â€à¤šà¤¾ इस इंफेकà¥â€à¤¶à¤¨ की चपेट में आने से बच सकता है। इलाज से बेहतर बचाव होता है इसलिठअपने बचà¥â€à¤šà¥‡ को समय पर टीका लगवाà¤à¤‚ और उसे इस बीमारी से सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ रखें।
पाचन में सà¥à¤§à¤¾à¤°
दालों में पà¥à¤°à¤šà¥à¤° मातà¥à¤°à¤¾ में अघà¥à¤²à¤¨à¤¶à¥€à¤² फाइबर होता है जो कि कबà¥â€à¤œ के खतरे को कम करता है। दाल खाने से शरीर में विषाकà¥â€à¤¤ पदारà¥à¤¥ कम रहते हैं। इससे काफी हद तक पाचन दà¥à¤°à¥à¤¸à¥â€à¤¤ होता है। अनेक पाचन संबंधी समसà¥â€à¤¯à¤¾à¤“ं जैसे कि इरिटेबल बाउल सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® और डाइवरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•à¥â€à¤¯à¥à¤²à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ से बचाव होता है।
दालों में पà¥à¤°à¤šà¥à¤° मातà¥à¤°à¤¾ में विटामिन बी कॉमà¥â€à¤ªà¥â€à¤²à¥‡à¤•à¥â€à¤¸ à¤à¥€ होता है और इसमें आयरन à¤à¥€ होता है। आयरन लाल रकà¥â€à¤¤ कोशिकाओं के निरà¥à¤®à¤¾à¤£ को बढावा देता है और मांसपेशियों, ऊतकों à¤à¤µà¤‚ अंगों को ऑकà¥â€à¤¸à¥€à¤œà¤¨ मिलता है। दालों में मौजूद उचà¥â€à¤š फाइबर और अनà¥â€à¤¯ जरूरी पोषक ततà¥â€à¤µ होते हैं जो शिशॠके दिल को सà¥â€à¤µà¤¸à¥â€à¤¥ रखते हैं।
शिशॠको कौन सी दाल खिलाà¤à¤‚
दाल कई वैरायटियों में आती हैं इसलिठये कह पाना मà¥à¤¶à¥à¤•िल है कि बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ के लिठकौन सी दाल जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बेहतर है। हलाल दाल का सूप और पà¥â€à¤¯à¥‚री अचà¥â€à¤›à¥€ होती है कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि इसमें फाइबर कम होता है। बडे बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ के लिठहरी दालें à¤à¥€ अचà¥â€à¤›à¥€ होती हैं। बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ को कैन वाली दालें न खिलाà¤à¤‚ कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि इनकी वजह से शिशॠको गैस हो सकती है।
दाल को पकाने से पहले उसे रातà¤à¤° à¤à¤¿à¤—ोने की जरूरत नहीं है। तीन सीटी में ही दाल पक जाà¤à¤—ी और गैस बंद करने के बाद कà¥à¤•र को ठंडा होने दें और इसके बाद दाल को मसलकर बचà¥â€à¤šà¥‡ को खिलाà¤à¤‚। इस तरीके से खिलाने पर बचà¥â€à¤šà¥‡ आसानी से दाल को पचा पाते हैं।
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